गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा को कैसे करें प्रसन्न? जानें विशेष उपाय

गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा को कैसे करें प्रसन्न? जानें विशेष उपाय

Updated: January 30, 2025

गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा को कैसे करें प्रसन्न? जानें विशेष उपाय

गुप्त नवरात्रि एक विशेष अवसर होता है जब साधक गुप्त रूप से मां दुर्गा की साधना कर विशेष सिद्धियां प्राप्त करते हैं। यह नवरात्रि तांत्रिक साधना और विशेष पूजा-पाठ के लिए जानी जाती है। गुप्त नवरात्रि साल में दो बार आती है—माघ और आषाढ़ मास में। इस दौरान मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए भक्त विशेष अनुष्ठान करते हैं।

माघ 2025 की गुप्त नवरात्रि आज 30 जनवरी से चालू हो गई है, जो 7 फरवरी तक चलेगी। इस बीच आप माँ दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए यह अवश्य करे। जिससे माँ दुर्गा का आशीर्वाद आप और आपके परिवार पर हमेशा बना रहेगा।

गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा को प्रसन्न करने के उपाय

1. मां दुर्गा की विशेष पूजा करें
गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। इसके लिए—

प्रतिदिन मां दुर्गा के समक्ष दीप जलाएं।
लाल फूलों से मां को अर्पण करें।
दुर्गा सप्तशती या देवी महात्म्य का पाठ करें।



2. गुप्त मंत्रों का जाप करें
गुप्त नवरात्रि में कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से मां दुर्गा की कृपा जल्दी प्राप्त होती है—
मंत्र:
"ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।"
इस मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जाप करें।

3. तांत्रिक साधना और यंत्र पूजन
यदि आप किसी समस्या से परेशान हैं, तो गुप्त नवरात्रि में दुर्गा यंत्र की साधना करें।
दुर्गा यंत्र को लाल कपड़े में लपेटकर पूजा स्थान पर रखें।
मां दुर्गा के बीज मंत्रों का जाप करें।

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4. हवन और अनुष्ठान करें
गुप्त नवरात्रि के दौरान घर में हवन करने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।

हवन सामग्री में गुग्गुल, चंदन, और बेलपत्र डालें।
"ॐ दुं दुर्गायै नमः" मंत्र का 108 बार उच्चारण करें।



5. गुप्त नवरात्रि में व्रत रखें
मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए नवमी तक व्रत करें।
फलाहार ग्रहण करें और सात्विक भोजन करें।
ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करें।

गुप्त नवरात्रि में क्या न करें?

  • नवरात्रि के दौरान लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन से बचें।
  • क्रोध, कटु वचन और नकारात्मकता से दूर रहें।
  • व्रत के दौरान झूठ और छल-कपट न करें।
  • गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 रूपों की साधना
  • गुप्त नवरात्रि में नवदुर्गा के सभी रूपों की पूजा की जाती है:


माँ दुर्गा के नौ रूप 

  • शैलपुत्री – प्रथम दिन
  • ब्रह्मचारिणी – द्वितीय दिन
  • चंद्रघंटा – तृतीय दिन
  • कूष्मांडा – चतुर्थ दिन
  • स्कंदमाता – पंचम दिन
  • कात्यायनी – षष्ठी दिन
  • कालरात्रि – सप्तमी दिन
  • महागौरी – अष्टमी दिन
  • सिद्धिदात्री – नवमी दिन

गुप्त नवरात्रि साधना और मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त करने का सबसे उत्तम समय होता है। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा, मंत्र जाप और तांत्रिक अनुष्ठान करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। यदि सही विधि से साधना की जाए, तो यह नवरात्रि जीवन में अद्भुत परिवर्तन ला सकती है।

Frequently Asked Questions

गुप्त नवरात्रि में कौन-कौन से उपाय करने चाहिए?
गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के विशेष मंत्रों का जाप, हवन, व्रत और यंत्र साधना करनी चाहिए।
गुप्त नवरात्रि में कौन सा मंत्र सबसे प्रभावी होता है?
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। इस मंत्र का जाप बहुत प्रभावी माना जाता है।
गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक साधना कैसे की जाती है?
तांत्रिक साधना के लिए मां दुर्गा के यंत्र की पूजा की जाती है और विशेष तांत्रिक मंत्रों का जाप किया जाता है।
गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा कितने दिन करनी चाहिए?
पूरी नवरात्रि (9 दिन) तक मां दुर्गा की पूजा करनी चाहिए, जिससे पूर्ण फल की प्राप्ति हो।
गुप्त नवरात्रि के दौरान कौन-कौन से कार्य वर्जित होते हैं?
क्रोध, मांसाहार, तामसिक भोजन, झूठ, नकारात्मक सोच और छल-कपट से बचना चाहिए।